अनुविभाग और तहसील

अनुविभाग:

जिले के प्रभावी शासन के लिए जिलों को अनुविभाग में विभाजित किया गया है। सूरजपुर जिले को 3 अनुविभागों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक अनुविभाग का नेतृत्व या तो भारतीय प्रशासनिक सेवा कैडर या राज्य प्रशासनिक सेवा कैडर के अधिकारी करते हैं ,वे एस.डी.एम. (सब डिवीज़न मजिस्ट्रेट) के पद पर पदस्थ होते हैं। एसडीएम का कर्तव्य है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कलेक्टरों के आदेश को ईमानदारी से निभाएं। एसडीएम के पास कार्य करने के लिए निम्नलिखित कार्य हैं:
1. राजस्व कार्य
2. प्रमाण पत्र जारी करना
3. चुनाव का काम
4. मैजिस्टेरियल दायित्व
5. विवाह प्रमाण पत्र का पंजीकरण
6. राहत और पुनर्वास

तहसील:

प्रत्येक अनुविभाग को और छोटे हिस्सों में विभाजित किया जाता है जिसे तहसील के नाम से जाना जाता है| तहसील, सामान्य प्रशासन, कोषागार, भू-राजस्व, भू-अभिलेख और कार्य के अन्य मदों के प्रयोजनों के लिए बुनियादी इकाई है। इसका ग्रामीण आबादी के साथ निकटतम और व्यापक संपर्क है। तहसील का प्रभारी अधिकारी तहसीलदार होता है जो राज्य सिविल सेवा से संबंधित होता है। वह वास्तविक राजस्व संग्रह के लिए ज़िम्मेदार जिला प्रशासन का प्रमुख अधिकारी होता है। नायब तहसीलदार तहसीलदारों की सहायता करने के लिए वहां मौजूद होते हैं। तहसीलदारों की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार कार्यभार ग्रहण करते हैं।

सूरजपुर जिले का विभाजन इस प्रकार है:

अनुविभाग तहसील उप तहसील
सूरजपुर सूरजपुर विश्रामपुर
रामानुजनगर  
प्रेमनगर  
भैयाथान भैयाथान भटगांव
ओडगी  
प्रतापपुर प्रतापपुर