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कुदरगढ़ महोत्सव 2026

कुदरगढ़ महोत्सव 2026 — आस्था, संस्कृति और खेल का भव्य संगम

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी अंतर्गत माँ बागेश्वरी धाम, कुदरगढ़ में जिला प्रशासन सूरजपुर एवं माँ बागेश्वरी धाम ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में कुदरगढ़ महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 23 से 25 मार्च 2026 तक किया गया। “खूब खेलबो, नशा ले दूर रहो” थीम पर आधारित इस तीन दिवसीय महोत्सव में खेल, संस्कृति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। महोत्सव के अंतर्गत कुदरगढ़ में पहली बार अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, पंजाब और दिल्ली के नामचीन पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया — पुरुष वर्ग में उत्तर प्रदेश के श्रीराम पहलवान एवं महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश की ही कलशपाल ने खिताब जीता। जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में रिकॉर्ड 22 टीमों ने भाग लिया, जिसमें गजाधरपुर की टीम ने फाइनल में गोंदा को लगातार दो सेटों में 2-0 से हराकर चैम्पियनशिप अपने नाम की — बेस्ट अटैकर नेगी (गजाधरपुर), बेस्ट ब्लॉकर चमन (सूरजपुर) एवं मैन ऑफ द टूर्नामेंट हिमांशु रजक (गोंदा) रहे। 19 टीमों के बीच खेली गई जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में पचिरा की टीम ने लगातार दूसरी बार खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया और फाइनल में गंगोटी को 25-14 से हराकर चैम्पियन बनी — बेस्ट डिफेंडर प्रदीप राजवाड़े (पचिरा), बेस्ट रेडर सत्या (गंगोटी) एवं मैन ऑफ द टूर्नामेंट अमन किंडो (पचिरा) को पुरस्कृत किया गया। महोत्सव के तीसरे दिन 25 मार्च को सायं 7 बजे पामगढ़ के मल्लखंब खिलाड़ियों ने शौर्य एवं नृत्य कला का अविस्मरणीय प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहले दिन सुप्रसिद्ध भजन बैंड-लीला की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया, तीनों दिन दोपहर 2 बजे से स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने लोकगीत व लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, और समापन दिवस पर प्रसिद्ध गायिका सीली सेटिया की मधुर आवाज़ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी खेल प्रतियोगिताओं में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया था एवं आयु का कोई बंधन नहीं था। यह महोत्सव न केवल भक्ति और खेल का उत्सव बना, बल्कि युवाओं को नशामुक्ति का संदेश देते हुए ग्रामीण अंचलों में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला एक जनउत्सव बन गया।

अखिल भारतीय कुश्ती
कुदरगढ़ में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, म.प्र., पंजाब व दिल्ली के नामचीन पहलवानों ने भाग लिया।
मल्लखंब प्रदर्शन
२५ मार्च को सायं ७ बजे पामगढ़ के मल्लखंब खिलाड़ियों द्वारा शौर्य एवं नृत्य कला का विशेष एवं अविस्मरणीय प्रदर्शन।
पहला दिन · २३ मार्च
भजन बैंड-लीला
पहले दिन सुप्रसिद्ध ‘भजन बैंड-लीला’ की भक्तिमय प्रस्तुतियों से समूचा कुदरगढ़ भक्ति रस में सराबोर हो उठा। भजन और देवी गीतों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया।
तीनों दिन · दोपहर २ बजे से
स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ी कलाकार
स्थानीय व छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।
तीसरा दिन · २५ मार्च
सीली सेटिया — ग्रैंड फिनाले
महोत्सव के समापन दिवस पर प्रसिद्ध गायिका सीली सेटिया ने अपनी मधुर आवाज़ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। यह प्रस्तुति महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण रही।